टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में ब्रॉन्ज मेडल के लिए भारत के बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) और कजाकिस्तान के D. Niyazbekov आमने सामने हैं. शुरुआती मिनटों में दोनों खिलाड़ी शानदार खेल का प्रदर्शन दिखा रहे थे और किसी भी खिलाड़ी ने कोई प्वांइट नहीं लिया. लेकिन बजरंग ने लगातार कोशिश की और 1 अंक ले लिया है. कजाकिस्तान के खिलाड़ी ने काफी कोशिश की लेकिन पूनिया ने उन्हें एक भी मौका नहीं दिया और पहले पीरियड में बजरंग 2-0 से आगे हो गए. दूसरे पीरियड में पूनिया ने शानदार तरीके से 4 अंक लिए और गेम में बढ़त बना ली. आखिर में बजरंग ने कमाल ही कर दिया, उन्होंने विरोधी को एक भी अंक नहीं लेने दिया और 8-0 से मैच जीत लिया.

बता दें कि अब टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भारत ने कुल 6 मेडल जीत लिए है.

सेमिफाइनल में हार गए थे बजरंग
बजरंग ने इस मुकाबले की शुरुआत बेहतर तरीके से की और एक अंक हासिल किया, लेकिन हाजी ने तुरंत वापसी कर चार अंक बटोरे. बजरंग पहले पीरियड में 1-4 से पिछड़ गए. दूसरे पीरियड में भी हाजी बजरंग पर पूरी तरह भारी पड़े और चार अंक हासिल किए. बजरंग ने हालांकि फिर दो अंक बटोरे और अंकों का फासला कम करने की कोशिश की। लेकिन हाजी ने फिर उन्हें चित्त कर एक अंक लिया.

बजरंग ने इसके बाद दो अंक लिए और इस वक्त मुकाबला कठिन लगने लगा. हालांकि, हाजी ने फिर दो और अंक हासिल कर लिए. हाजी ने एक और अंक लेकर मुकाबला एकतरफा बनाकर जीत दर्ज की. दूसरे पीरियड में हाजी ने 8-4 की बढ़त बनाई. बजरंग भारत की टोक्यो ओलंपिक में सबसे बड़ी पदक उम्मीद में से एक थे लेकिन उनसे स्वर्ण पदक लाने का सपना टूट गया. हालांकि उनके पास अभी भी कांस्य पदक लाने का अवसर है.

क्वार्टर फाइनल में धोबी पछाड़
टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के क्वार्टर फाइनल में बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) का सामना ईरान (Iran) मोर्तेजा गैसी चेका (Morteza Ghiasi Cheka) से हुआ. बजरंग ने मुतर्जा घियासी चेका को 2-1 से हराया. टोक्यो में भारत के लिए पदक के दावेदार बजरंग को विक्ट्री बाई फॉल के आधार पर जीत मिली. पहले पीरियड की समाप्ति के बाद एशियाई खेल चैम्पियन बजरंग 0-1 से पीछे थे लेकिन दूसरे क्वार्टर में 2 अंक लेकर वह 2-1 से आगे हो गए. अंतिम एक मिनट में बजरंग ने अपना दांव खेला और ईरानी पहलवान को चित्त कर दिया.

बजरंग एक मुश्किल जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे. इस मुकाबले में बजरंग का सामना किर्गिस्तान के इरनाजार अकमातालेव से था. अंतिम स्कोर 3-3 रहा लेकिन चूंकी वह पहले पीरियड में अधिक अंक जुटाने में सफल रहे, लिहाजा विजेता करार दिए गए थे

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