देश की संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाकर अब कांग्रेस मोदी सरकार पर बेहद आक्रामक हो गयी है। कांग्रेस इस मामले पर अब देश भर में प्रेस कांफ्रेस कर मोदी सरकार की पोल खोलने जा रही है। कांग्रेस के शीर्ष नेता देश के सभी राजधानियों में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे और सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश कल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे, जबकि 3 सितंबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।

संवाददाता सम्मेलन का सिलसिला इस हफ्ते की शुरुआत में राहुल गांधी की तरफ से दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के साथ शुरू हुआ. वासनिक के अलावा शशि थरूर को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है और वो कश्मीर में मीडिया को संबोधित करेंगे. सचिन पायलट बेंगलुरु में मीडिया को संबोधित करेंगे, जबकि मिलिंद देवड़ा कोचीन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम तीन सितंबर को मुंबई में जबकि अजय माकन उसी दिन रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. लखनऊ में भूपेश बघेल और पटना में दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के कई अन्य नेता मीडिया को संबोधित करेंगे.

कांग्रेस के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने अब देश की छह लाख करोड़ रुपए की मूल्यवान संपत्ति बेचने का फैसला किया है जिसमें सड़क, रेल, खदान, दूरसंचार, बिजली, गैस, हवाई अड्डे, बंदरगाह, खेल स्टेडियम और कई चीजें हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे को आम लोगों तक ले जाने की राष्ट्रव्यापी योजना के तहत कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक 31 अगस्त को असम के गुवाहाटी में और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे एक सितंबर को हैदराबाद में मीडिया को संबोधित करेंगे.

केंद्र के राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन कार्यक्रम के खिलाफ कांग्रेस अपने नेताओं के जरिए देश भर में कई प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मुद्दे को जमीनी स्तर पर उठाने की योजना बना रही है. विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश की मूल्यवान संपत्तियों को बेचा जाना भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रभावी तरीके से प्रबंधन में केंद्र सरकार की सरासर अक्षमता को दर्शाता है.

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